मेरे प्यारे किसान भाइयों आज इस आर्टिकल में हाइब्रिड अमरूद की खेती से जुड़े काफी सारि जानकारी देने वाला हूँ | अमरुद को इंग्लिश में Guava कहते हैं | गाओं में अमरुद की पेड़ काफी सरे लोगो के घर में होता है | अमरुद में विटामिन A और B पाए जाते हैं | अमरुद के खाने से बहुत फायदा भी होता है जैसे - वजन कम करता है ,शरीर को ताकत पहुंचता है ,डायबिटीज से बचता है और बबासीर को दूर करने केलिए भी डॉक्टर अमरुद खाने की सलाह देते है | यहाँ पर हम हाइब्रिड अमरूद की खेती के बारे में बात करेंगे लेकिन इतना तो जानना जरुरी है | खास करके उत्तरी भारत में अमरुद की खेती ज्यादा किया जाता है | एक साल इसका फसल तीन बार किया जाता है | आप कौन से राज्य में से हैं कमेंट करके बताना |
बहुत सरे किसान भाइयों के मन में यहाँ सवाल आता है की क्या अमरुद की खेती किया जा सकता है ,अगर हाँ तो कैसे ? अमरुद की खेती केलिए जलवायु की तापमान कितनी होनी चाहिए ,मिट्टी कैसी होना चाहिए , बीज कौन सी चुने और बीज बोन के बाद कितने दिन में फल देता है | इन सारि सवालो का जवाब हम इसी आर्टिकल में देने वाले है इसीलिए मेरे किसान भाइयों पूरी जानकारी को प्राप्त करने केलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े |
हाइब्रिड अमरूद की खेती केलिए मिट्टी कैसे होना चाहिए -
आप चाहे किसी भी सब्जी या फल का खेती करे उसका सही मिट्टी का चयन करना बहुत जरुरी होता है | अमरुद के पेड़ किसी भी मिट्टी में लगने से हो जायेगा, इतना तो क्ष्यमता अमरुद में होता ही है | लेकिन अगर आप खेती करना चाहते हैं अच्छी प्रोडक्शन करना चाहते हैं तो आपको अच्छा गुणवत्ता वाले मिट्टी को चुनना होगा | मिट्टी में बलुई अंश होना चाहिए और मिट्टी में PH 4.5 से 8.2 के अंदर होना चाहिए इससे आप अमरुद के खेती में अच्छा फसल ले ले सकते हैं |
हाइब्रिड अमरूद की खेती केलिए सबसे अच्छी किस्म
अब यहाँ पर मैं सबसे ज्यादा पैदावार वाली अमरुद की किसम के बारे में बताने जा रहा हूँ | इनमे से आप किसी भी किसम को चुन कर अमरुद की खेती को आरंभ कर सकते हैं |
अर्का अमूल्य - अमरुद की खेती केलिया यह सबसे अच्छी किसम मानी जाती है | इस किसम से अमरुद की एक मध्यम धरण के भुटे से आप 140 K .G. तक उपज ले सकते हैं | इसके फल के बारे में बात करें तो इसका फल आकर में बड़े होते हैं और गोलाकार होते हैं | इसके अंदर होने वाले गुद्दा सफेद होते हैं | और TSS की बात करें तो 9.3 से लेकर 10.1 तक होती है |
L -49 -
इस किसम के अमरुद के एक मध्यम धरण के भुटे से 130 से 150 K.G. तक पैदावार ली जा सकती है | यह किसम के पौधे ज्यादा बड़ी नहीं होती हैं लेकिन इनके तने यानि डहनियां ज्यादा निकलते हैं | इसके फल के आकार गोल होता है लेकिन ये ऊपर से चिकनी नहीं होती है | इसके अंदर के गुद्दा काफी सफ़ेद होता है क्रीम की तरह | TSS की बात करें तो 10 से लेकर 12 तक होती है |
एप्पल अमरुद -
इस किसम के अमरुद को लम्बे समाया तक रखा जा सकता है | इस किसम के फल बहुत ही मीठे होते हैं और इस्सके गुद्दे गुलाबी रंग के होते हैं | इस किसम खेती करने से यह एक फायदा है की इसे आम अमरुद से कुछ दिन और रखा जा सकता है | ज्यादा पकने पर ख़राब होने की डर नहीं रहता |
श्वेता -
यह अमरुद के बहुत अच्छा किसम है | इस किसम से भी अच्छी पैदावार लिया जा सकता है | ये पौधे ज्यादा बड़े तो नहीं होते लेकिन इसके भुटा गोलाकार होता है | इसे भी आप अपने खेती केलिए चुन सकते हैं |
ललित -
यह भी अमरुद की अच्छी किसम है | इस अमरुद की गुद्दा काफी ज्यादा लाल होते हैं | खाने में भी यह बहुत स्वादिस्ट होता है | इस प्रजाति के पौधे कम से कम 5 -6 साल बाद 90 से लेकर 100 किलो ग्राम तक फल हर साल देने लगते हैं | इस प्रजाति के फल ज्यादा बड़े नहीं होते | एक एक अमरुद 170 - 200 ग्राम के होते हैं | लाल अमरूद की खेती करना चाहते हैं तो आप इस किसम को चुन सकते हैं |
अमरुद के पौधे कब लगाना चाहिए ?
देखा जाए तो अमरुद के पौधे में हर तरह की जलबायु को सहन करने की क्ष्यमता होती है | लेकिन अत्यधिक गर्मी या ठंडी सहन नहीं कर पता | अगर पौधे छोटे हो तो यह 30 डिग्री तापमान को आसानी से सहन कर लेता है | और पूर्ण विकसित पौधे 40 से 45 डिग्री तक की गर्मी को सहन करने की क्षमता होती है |
आप इसे अगस्त से लेकर जनवरी के अंदर लगा सकते हैं और यह समय बहुत ही अच्छा माना जाता है | ध्यान रहे की इसको लगाने के बाद कड़ी धुप नहीं होना चाहिए कियों की पौधे छोटे होने पर ज्यादा तापमान सहन नहीं कर पते | इसीलिए बरसात के मौसम आने से लेकर जनवरी तक आराम से लगा सकते हैं |
अमरुद को सिचाई करने की सही तरीका
ये तो आपको पता ही होगा की पौधे लगाने के बाद तुरंत एक बार अच्छी से पानी देना है | अगले दिन आपकी मिटटी के हिसाब से आप को सिचाई करना है | बरसात के मौसम में जरुरत के हिसाब से सिचाई करना पड़ता है , देखा जाए तो ना के बराबर | सर्दी के मौसम में महीने में 2 से 3 बार सिचाई करना पड़ता है | सिर्फ धुप के मौसम में सिचाई का काफी ज्यादा ध्यान देना पड़ता है | मिट्टी के हिसाब से चार या पांच बार महीने में सिचाई करना पद सकता है |
सिचाई के मामले में बात करे तो एक बात बहुत जरुरी हो जाता है, जो की फूल आने के समय में ज्यादा सिचाई ना करे इससे फूल झड़ने लगते हैं |
अमरूद का पेड़ कितने दिन में फल देता है
ऐसी सवालों का जवाब हर किसी को जानना अच्छा लगता है | तो फिर चलिए जानते हैं अमरूद का पेड़ कितने दिन में फल देता है - पौधे को रोपाई करने के बाद कम से कम तीन साल में फल आने शुरू हो जाते हैं | यहां पर कुछ किसान भाइयों को एक ही साल के अंदर फल आने की जवाब चाहिए था लेकिन वह कलम करने से हो सकता है | यहाँ पर मैं बताना चाहता हूँ की तीन साल तक पौधे को विकसित होने दें | उसके बाद जितने भी फल आते हैं उसे पेड़ बड़ी ही आसानी से सहन कर लेगा | अगर आप एक ही साल के अंदर फल चाहते है तो इससे पौधे झुक जाएंगे और टूट भी सकते हैं | इसीलिए विकसित होने केलिए थोड़ा समय दें |
अमरुद की खेती केलिए तापमान कितना होना चाहिए |
यह सवाल भी किसान भाइयों को काफी ज्यादा परेसान करती है | अमरुद के जो छोटे पौधे होते हैं वह 30 डिग्री तापमान तक आराम से सहन कर सकते हैं | और जो पौधे पुरे विकसित हैं वह 40 से 43 डिग्री तक बड़ी ही आराम से सहन कर सकते हैं | अमरुद के पौधे को लगाने के समय की तापमान 20 से 30 डिग्री को अनुकूल माना जाता है |
अमरुद को कब तोडना चाहिए
अमरुद पकने के बाद पेड़ पर लगे होने के वाबजूद जल्दी ख़राब होने लगते हैं | पकने के बाद पक्षियों इन्हे खा कर ख़राब कर देते हैं , जो की बाजार में बेचने लायक नहीं होते | इसीलिए अमरुद को ज्यादा पकने न दें सही समय पर अमरुद को तोड़ ले | आप अमरुद के किसम के बारे में तो जरूर पढ़े होंगे | कुछ ऐसे किसम आते जो अन्य अमरुद के मुकाबले अधिक दिन तक रखा जा सकता है | आप उन किसम को भी चुन सकते हो | जिससे पकने के बाद जल्दी ख़राब होने का दर नहीं रहेगा |
अमरूद के पौधे की देखभाल
अमरुद को लगाने के बाद पूर्ण विकसित होने तक अच्छी से देखभाल करना बहुत ही जरुरी है | सही समय पर पौधे को पानी दिया करें | पौधे के ऊपर सूर्य किरण का मिलना भी अति आवश्यक है | उनकी डहनिया को भी कटाई छटाई करें ताकि वह अच्छे और मजबूत रूप ले सके | मौसम के हिसाब से इसके ऊपर आने वाले रोग के ऊपर भी ध्यान देना होगा | और उपचार भी करने होंगे |
अमरूद के प्रमुख रोग
यहाँ पर हम एक ऐसी प्रमुख रोग के बारे में बात करने जा रहे हैं जिनसे अमरुद के पेड़ मुरझा कर पूरी तरह से मर जाता है | इस रोग का नाम है उकठा | चलिए अब जानते हैं इस रोग के होने से पहले क्या क्या लक्षण देखने को मिलते हैं |
यह रोग कई प्रकार के फफूंदी के वजह से होता है | यह रोग अमरुद के तुड़ाई के बाद यानि वर्ष के अंत काल में दिखाई देते हैं | शुरू शुरू में जो ऊपरी हिस्से के पत्ते होते हैं वह पीला रंग में बदल ने लगते हैं और यह धीरे धीरे पुरे पेड़ पर फैल कर पुरे पत्ते मुरझा कर मर जाते हैं | इस रोग को रोकने केलिए कुछ उपाय कर सकते हैं -
रोग ग्रस्थ पौधे हो निकाल कर जला दें |
पेड़ के नीच पानी जमा होने ना दें | जल निकास केलिए अच्छी व्यवस्था कर के रखें |
मिट्टी की परीक्ष्यण करें |
अपना नजदीकी कृषि केंद्र से सहायता लें |
यह बीमारी बहुत ही भयानक साबित हो सकते हैं कियोंकि यह बीमारी धीरे धीरे फैलने लगते हैं | अगर इसका सही समय पर इलाज ना किया जाए तो रोग ग्रस्त पेड़ के आस पास होने वाले पौधे को भी रोग ग्रस्थ कर सकता है |
अंतिम लेख
आज के अंतिम लेख में बस इतना इतना ही कहना चाहूंगा की हाइब्रिड अमरूद की खेती से जुड़े जितना जानकारी इस आर्टिकल में दिए गए हैं उनसे आपका जरूर कुछ फायदा हो सकता हैं | मैं उम्मीद करता हूँ की जरुरत के हिसाब से आपको काफी कुछ जॉनने को मिला होगा | और हमेशा मेरा यह कोसिस रहेगा की इस ब्लॉग के माध्यम से किशन भाइयों को अच्छे अच्छे जानकारी दे सकूँ | अगर आपको लगता है की यह आर्टिकल किसीके लिए फायदेमंद हो सकता है तो इस आर्टिकल को सोशल मीडिया के जरिये शेयर कर सकते हैं |
इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने केलिए मैं आपको धन्यवाद करता हूँ |
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