कम पानी वाली गेहूं की किस्म | जानकारी लेने में देर ना करें |
किसान भाइयों नमस्कार | इस आर्टिकल में सिर्फ और सिर्फ कम पानी वाली गेहूं की किस्म के बारे में बात करेंगे | भारतीय कृषि बैज्ञानिक लगातार किसान भाइयों केलिए नए नए किस्मे निकाल रहे हैं | ताकि किसान अपनी जरुरत के हिसाब से गेहूं की किस्मो को चुनाब करके अच्छी खेती कर सके | कई सरे किसानो की जमीन ऐसी जगह पर होता है जहाँ लम्बे समय तक पर्याप्त पानी नहीं मिल पता | ऐसे किसान चाहते हैं की कोई ऐसा किस्म मिल जाए जो दो या तीन सिंचाई में गेहूं पक कर तैयार हो जाए | लेकिन आपको इस बात से भी सहमत होना पड़ेगा की बड़ी और लम्बे समय वाली किस्मो के मुकाबले प्रति एकड़ एक या दो क्वेंटल का अंतर भी आता है |
मैं चाहता हूँ की आपको कम पानी वाली गेहूं की किस्म के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिले | कृपया सभी जानकारी केलिए अंत तक जरूर पढ़ें |
कम पानी वाली गेहूं की किस्म
अब मैं कम पानी वाली गेहूं की किस्म के बारे में एक एक करके उनके बिशेस्ताओं के बारे में बताऊंगा | इस आर्टिकल के अंदर लिखी गयी जानकारी के मुताबिक बराबर रिजल्ट तो नहीं मिल सकते कियोंकि हो सकता है भूमि और मौसम के वजह से थोड़े बहुत अंतर आ सकता है | इसमें घबराने के कोई बात नहीं है | चलिए एक एक करके गेहूं की किस्मो के बारे में जानते हैं |
H-1 - 8823 (पूषा प्रभात )
- इस किसम को 2021 में (INDOR NATIONAL AGRICULTURE UNIVERCITY) में तईयार किया गया था |
- जल सिंचाई इसमें बहुत कम लगते हैं | तीन या चार सिंचाई में यह पक कर तैयार हो जाता है | लेकिन इतना ध्यान रखें की मार्च - अप्रेल तक न जाए | फेब्रुअरी महीना के अंत में आपका फसल कट जाना चाहिए | मतलब नवंबर-दीसंबर के अंदर आपका बुआई हो जाना चाहिए |
- यह किसम ढाई से तीन फ़ीट के आस पास इसकी लम्बाई होती है |
- ज्यादा लम्बा ना होने के कारण तेज हवा से भी गिरने की कोई डर नहीं रहता है |
- 105 दिन से लेकर 128 दिन के अंदर अंदर पककर तईयार हो जाता है |
- रोग और किट कम लगते हैं | मौसम के ऊपर भी निर्भर करता है | ऐसा कहना गलत होगा की इसमें बिलकुल रोग नहीं लगते |
- दाना इसका पीला और भूरा रंग का होते है |
- इस किसम को किए जाने वाले राज्य मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तर प्रदेश।
करन श्रिया ( DBW - 252 )
- इस किसम की गेहूं के हज़ार दानों की वजन लगभग 45 -50 ग्राम होता है | किसान भाई इस किसम को पसंद करने के साथ साथ इसे इसलिए करते हैं की ये अलग किसमो के मुकावले जल्दी पककर तैय्यार हो जाता है |
- इस किसम की height ( उच्चता ) 80 - 85 cm तक होती है | फसल गिरने का डर ना के बारबार |
- पककर तैयार होने में लगभग 120 - 128 दिन लगते हैं |
- इस गेहूं के किसम में बिमारियों के प्रति सहनशील क्षमता होती है |
- 45 - 50 क्विन्टल प्रति हेक्टर उपज देने की क्षमता रखती है |
- सिंचाई लगभग 3 - 4 में ही पककर तईयार हो जाता है |
करन बन्दना DBW - 187
विश्व में सबसे ज्यादा गेहूं कहां होता है
Gehu Utpadan Me Bharat Ka Sthan
भारत में गेहूं उत्पादक राज्य
भारत
में सबसे ज्यादा गेहूं उत्पादन करने में प्रथम राज्य आता है उत्तर प्रदेश
| ऐसे और भी राज्य
हैं जिन्हे आप निचे दिए
गए चित्र पर देख सकते
हैं |



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